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श्लोक 12.342.50  |
| अथेन्द्राणीमभ्यागतां दृष्ट्वा तामुवाच नहुष: पूर्ण: स काल इति तं शच्यब्रवीच्छक्रेण यथोक्तं स महर्षियुक्तं वाहनमधिरूढ: शचीसमीपमुपागच्छत् ॥ ५०॥ |
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| अनुवाद |
| इन्द्राणी को आते देख नहुष ने उनसे कहा- ‘देवी! आपका दिया हुआ समय समाप्त हो गया है।’ तब शची ने इन्द्र के द्वारा बताई गई सारी बातें बता दीं। नहुष महर्षियों द्वारा खींचे जाने वाले वाहन पर सवार होकर शची की ओर चल पड़े। |
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| Seeing Indrani coming, Nahush said to her- 'Devi! The time you had given is over.' Then Shachi told everything as told by Indra. Nahush mounted on a vehicle drawn by great sages and went towards Shachi. 50. |
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