Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.342.44: तत्पश्चात् देवताओं और ऋषियों ने आयु के पुत्र नहुष को देवताओं का राजा अभिषिक्त किया। नहुष के मस्तक पर पाँच सौ प्रज्वलित ज्योतियाँ चमकती थीं, जो समस्त प्राणियों का तेज हर लेती थीं। उनके द्वारा वह स्वर्गलोक का राज्य करने लगा ॥44॥ | mahabharat अध्याय 12.342: सृष्टिकी प्रारम्भिक अवस्थाका वर्णन, ब्राह्मणोंकी महिमा बतानेवाली अनेक प्रकारकी संक्षिप्त कथाओंका उल्लेख, भगवन्नामोंके हेतु तथारुद्रके साथ होनेवाले युद्धमें नारायणकी विजय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् देवताओं और ऋषियों ने आयु के पुत्र नहुष को देवताओं का राजा अभिषिक्त किया। नहुष के मस्तक पर पाँच सौ प्रज्वलित ज्योतियाँ चमकती थीं, जो समस्त प्राणियों का तेज हर लेती थीं। उनके द्वारा वह स्वर्गलोक का राज्य करने लगा ॥44॥
Thereafter the gods and sages anointed Aayu's son Nahush as the king of the gods. On Nahush's forehead there used to shine five hundred blazing lights which took away the brilliance of all creatures. Through them he started ruling the kingdom of heaven. ॥ 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥