श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 342: सृष्टिकी प्रारम्भिक अवस्थाका वर्णन, ब्राह्मणोंकी महिमा बतानेवाली अनेक प्रकारकी संक्षिप्त कथाओंका उल्लेख, भगवन्नामोंके हेतु तथारुद्रके साथ होनेवाले युद्धमें नारायणकी विजय  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  12.342.38 
तान् दधीच उवाच स्वागतं भवद्भॺ उच्यतां किं क्रियतामिति यद् वक्ष्यथ तत् करिष्यामि॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
दधीचि ने उन देवताओं से कहा, "आप सबका स्वागत है। कहिए, मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ? आप जो कहेंगे, मैं करूँगा।" ॥38॥
 
Dadhichi said to these gods, "You are all welcome. Tell me, what service can I do for you? I will do whatever you say." ॥ 38॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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