श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 342: सृष्टिकी प्रारम्भिक अवस्थाका वर्णन, ब्राह्मणोंकी महिमा बतानेवाली अनेक प्रकारकी संक्षिप्त कथाओंका उल्लेख, भगवन्नामोंके हेतु तथारुद्रके साथ होनेवाले युद्धमें नारायणकी विजय  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.342.23 
अहल्याधर्षणनिमित्तं हि गौतमाद्धरिश्मश्रुतामिन्द्र: प्राप्त: कौशिकनिमित्तं चेन्द्रो मुष्कवियोगं मेषवृषणत्वं चावाप॥ २३॥
 
 
अनुवाद
अहिल्या के साथ बलात्कार करने पर गौतम के शाप से इन्द्र हरी दाढ़ी-मूँछों वाला हो गया और विश्वामित्र के शाप से इन्द्र के अण्डकोष नष्ट हो गए और उसके स्थान पर भेड़ के अण्डकोष उसके शरीर से जुड़ गए॥23॥
 
Due to Gautama's curse on Indra for raping Ahalya, he became Harishmashru (having green beard and moustache) and due to Viswamitra's curse, Indra lost his testicles and instead, sheep's testicles were attached to his body.॥23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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