श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 342: सृष्टिकी प्रारम्भिक अवस्थाका वर्णन, ब्राह्मणोंकी महिमा बतानेवाली अनेक प्रकारकी संक्षिप्त कथाओंका उल्लेख, भगवन्नामोंके हेतु तथारुद्रके साथ होनेवाले युद्धमें नारायणकी विजय  »  श्लोक 137
 
 
श्लोक  12.342.137 
नामानि चैव गुह्यानि निरुक्तानि च भारत।
ऋषिभि: कथितानीह यानि संकीर्तितानि ते॥ १३७॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! मैंने अपने गुप्त नामों की उत्पत्ति बता दी है। मैंने तुम्हें ऋषियों द्वारा निर्दिष्ट नामों का भी वर्णन कर दिया है॥137॥
 
O Bharata! I have explained the origin of my secret names. I have also explained to you the names assigned to me by the sages.॥ 137॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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