श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 342: सृष्टिकी प्रारम्भिक अवस्थाका वर्णन, ब्राह्मणोंकी महिमा बतानेवाली अनेक प्रकारकी संक्षिप्त कथाओंका उल्लेख, भगवन्नामोंके हेतु तथारुद्रके साथ होनेवाले युद्धमें नारायणकी विजय  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  12.342.120 
वेदा न प्रतिभान्ति स्म ऋषीणां भावितात्मनाम्।
देवान् रजस्तमश्चैव समाविविशतुस्तदा॥ १२०॥
 
 
अनुवाद
शुद्ध ऋषियों को वेदों का स्मरण नहीं था। उस समय देवता रजोगुण और तमोगुण की अवस्था में थे। 120
 
The pure sages were not able to remember the Vedas. At that time the gods were in a state of Rajoguna and Tamoguna. 120
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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