Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.342.110-111h: रुद्र ने क्रोधपूर्वक अपना प्रज्वलित त्रिशूल बार-बार चलाया। वह त्रिशूल दक्ष के विशाल यज्ञ को भस्म करके बदरिकाश्रम में हम दोनों (नर और नारायण) के पास अचानक आ पहुँचा। 110 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.342: सृष्टिकी प्रारम्भिक अवस्थाका वर्णन, ब्राह्मणोंकी महिमा बतानेवाली अनेक प्रकारकी संक्षिप्त कथाओंका उल्लेख, भगवन्नामोंके हेतु तथारुद्रके साथ होनेवाले युद्धमें नारायणकी विजय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रुद्र ने क्रोधपूर्वक अपना प्रज्वलित त्रिशूल बार-बार चलाया। वह त्रिशूल दक्ष के विशाल यज्ञ को भस्म करके बदरिकाश्रम में हम दोनों (नर और नारायण) के पास अचानक आ पहुँचा। 110 1/2॥
Rudra angrily used his flaming trident again and again. That trident, after incinerating Daksha's elaborate yajna, suddenly came near both of us (Nar and Narayan) in Badarika Ashram. 110 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥