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mahabharat 12.341.50: अग्नि सोम के साथ एक हो गया और एक रूप प्राप्त कर लिया; इसलिए संपूर्ण सजीव और निर्जीव जगत अग्नि और सोम से बना है।   |   mahabharat अध्याय 12.341: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको अपने प्रभावका वर्णन करते हुए अपने नामोंकी व्युत्पत्ति एवं माहात्म्य बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.341.50 
अग्नि: सोमेन संयुक्त एकयोनित्वमागत:।
अग्नीषोममयं तस्माज्जगत‍् कृत्स्नं चराचरम्॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
अग्नि सोम के साथ एक हो गया और एक रूप प्राप्त कर लिया; इसलिए संपूर्ण सजीव और निर्जीव जगत अग्नि और सोम से बना है।
 
Agni became one with Soma and attained one form; hence the entire animate and inanimate world is made up of Agni and Soma. 50.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)