Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.341.32-33h: कुन्तीकुमार! तुम यज्ञों के दाता विष्णु को नमस्कार करो, शरण देने वाले श्री हरि को सिर नवाओ, वर देने वाले विष्णु को भजो और यज्ञों के भोक्ता भगवान को नमस्कार करो। 32 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.341: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको अपने प्रभावका वर्णन करते हुए अपने नामोंकी व्युत्पत्ति एवं माहात्म्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुन्तीकुमार! तुम यज्ञों के दाता विष्णु को नमस्कार करो, शरण देने वाले श्री हरि को सिर नवाओ, वर देने वाले विष्णु को भजो और यज्ञों के भोक्ता भगवान को नमस्कार करो। 32 1/2॥
Kuntikumar! You salute Vishnu, the giver of sacrifices, bow your head to Shri Hari, the giver of shelter, worship Vishnu, the giver of blessings, and salute God the enjoyer of sacrifices. 32 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥