Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.92: तब भगवान् महा हयग्रीव रूप धारण करके ब्रह्माजी के समक्ष प्रकट हुए। वे छहों अंगों सहित वेदों का पाठ कर रहे थे, कमण्डलु और त्रिदण्ड धारण किए हुए थे। 92॥ | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब भगवान् महा हयग्रीव रूप धारण करके ब्रह्माजी के समक्ष प्रकट हुए। वे छहों अंगों सहित वेदों का पाठ कर रहे थे, कमण्डलु और त्रिदण्ड धारण किए हुए थे। 92॥
Then God appeared in the form of great Hayagriva and appeared before Lord Brahma. He was reciting the Vedas along with the six limbs, wearing Kamandalu and Tridanda. 92॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥