Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.87-88h: तब देवताओं और ऋषियों ने गुरुरूपधारी और पूर्वोक्त बात कहने वाले भगवान् से कहा - 'भगवन्! जब कलियुग में धर्म का केवल एक ही चरण सर्वत्र रह जाता है, तब हमें क्या करना चाहिए? कृपा करके हमें यह बताइए।'॥87 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब देवताओं और ऋषियों ने गुरुरूपधारी और पूर्वोक्त बात कहने वाले भगवान् से कहा - 'भगवन्! जब कलियुग में धर्म का केवल एक ही चरण सर्वत्र रह जाता है, तब हमें क्या करना चाहिए? कृपा करके हमें यह बताइए।'॥87 1/2॥
Then the Gods and the sages said to the God who was in the form of a Guru and who had said the above - 'Lord! When in Kaliyug only one step of religion remains everywhere, then what should we do? Please tell us this.'॥ 87 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥