Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.340.86: उसके बाद पुष्य नक्षत्र में कलियुग का आरम्भ होगा, उस समय धर्म का एक अंश ही यहाँ-वहाँ शेष रह जाएगा ॥86॥   |   mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान‍्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान‍्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  12.340.86 
ततस्तिष्येऽथ सम्प्राप्ते युगे कलिपुरस्कृते।
एकपादस्थितो धर्मो यत्र तत्र भविष्यति॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
उसके बाद पुष्य नक्षत्र में कलियुग का आरम्भ होगा, उस समय धर्म का एक अंश ही यहाँ-वहाँ शेष रह जाएगा ॥86॥
 
'After that, Kaliyuga will begin in Pushya Nakshatra. At that time only a phase of religion will be left here and there. 86॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)