Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.340.79: उनके ललाट से उत्पन्न हुए रुद्र भी उनके (ब्रह्मा के) पुत्र हैं। ब्रह्मा की आज्ञा से वे समस्त प्राणियों की रक्षा कर सकेंगे।॥79॥   |   mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान‍्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान‍्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  12.340.79 
अस्य चैवात्मजो रुद्रो ललाटाद् य: समुत्थित:।
ब्रह्मानुशिष्टो भविता सर्वभूतधर: प्रभु:॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
उनके ललाट से उत्पन्न हुए रुद्र भी उनके (ब्रह्मा के) पुत्र हैं। ब्रह्मा की आज्ञा से वे समस्त प्राणियों की रक्षा कर सकेंगे।॥79॥
 
‘The Rudra who was born from his forehead is also his (Brahma's) son. With Brahma's permission, he will be able to protect all creatures. ॥ 79॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)