Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.66-67h: इसी हेतु से मैंने वेदों और यज्ञों तथा औषधियों (अन्न, फल आदि) की रचना की है। यदि पृथ्वी पर इनका विधिपूर्वक अनुष्ठान किया जाए, तो सभी देवता संतुष्ट हो जाएँगे। | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी हेतु से मैंने वेदों और यज्ञों तथा औषधियों (अन्न, फल आदि) की रचना की है। यदि पृथ्वी पर इनका विधिपूर्वक अनुष्ठान किया जाए, तो सभी देवता संतुष्ट हो जाएँगे।
‘For this very reason I have created the Vedas and the sacrifices along with the medicines (food grains, fruits etc.). If these are properly performed on earth, all the gods will be satisfied. 66 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥