Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.57: ऋषि कहते हैं कि 'भगवान नारायण सूर्य के समान तेजस्वी, अन्तर्यामी, अज्ञानरूपी अंधकार से परे, सर्वव्यापी, सर्वेश्वर, वर देने वाले और सर्वशक्तिमान हैं'॥57॥ | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋषि कहते हैं कि 'भगवान नारायण सूर्य के समान तेजस्वी, अन्तर्यामी, अज्ञानरूपी अंधकार से परे, सर्वव्यापी, सर्वेश्वर, वर देने वाले और सर्वशक्तिमान हैं'॥57॥
Rishis say that 'Lord Narayana is as bright as the Sun, the inner man, beyond the darkness of ignorance, omnipresent, omnipresent, God, the giver of blessings and all-powerful'. 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥