Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.53: हे लोकों के स्वामी! आप सभी लोग यज्ञों में अपना-अपना भाग सदैव मुझे समर्पित करते रहें। यदि ऐसा होगा, तो मैं आपको आपके अधिकार के अनुसार कल्याण का मार्ग बताता रहूँगा। ॥53॥ | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वे भागान् कल्पयध्वं यज्ञेषु मम नित्यश:।
तथा श्रेयोऽभिधास्यामि यथाधीकारमीश्वरा:॥ ५३॥
अनुवाद
हे लोकों के स्वामी! आप सभी लोग यज्ञों में अपना-अपना भाग सदैव मुझे समर्पित करते रहें। यदि ऐसा होगा, तो मैं आपको आपके अधिकार के अनुसार कल्याण का मार्ग बताता रहूँगा। ॥53॥
O lord of the worlds! All of you should always dedicate your share in the sacrifices to me. If this happens, I will keep preaching you the path of welfare according to your rights. ॥ 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥