Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.50: तुम्हारा उद्देश्य क्या है? मैं इसे जान गया हूँ। यह समस्त जगत के लिए परम कल्याणकारी है। तुम्हें प्रवृत्ति-आधारित धर्म का पालन करना चाहिए। यह तुम्हारे जीवन को पुष्ट करेगा और तुम्हारी शक्ति को बढ़ाएगा ॥50॥ | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम्हारा उद्देश्य क्या है? मैं इसे जान गया हूँ। यह समस्त जगत के लिए परम कल्याणकारी है। तुम्हें प्रवृत्ति-आधारित धर्म का पालन करना चाहिए। यह तुम्हारे जीवन को पुष्ट करेगा और तुम्हारी शक्ति को बढ़ाएगा ॥50॥
What is your purpose? I have come to know it. It is very beneficial for the whole world. You should follow the religion based on tendencies. It will nourish your life and enhance your strength. ॥ 50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥