Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.116: इसके पढ़ने और सुनने से वैश्य को महान लाभ प्राप्त होता है। शूद्र को सुख की प्राप्ति होती है। निःसंतान को पुत्र और पुत्री को मनचाहा वर मिलता है। 116. | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके पढ़ने और सुनने से वैश्य को महान लाभ प्राप्त होता है। शूद्र को सुख की प्राप्ति होती है। निःसंतान को पुत्र और पुत्री को मनचाहा वर मिलता है। 116.
A Vaishya attains great benefit by reading and listening to this. A Shudra attains happiness. A childless person gets a son and a daughter gets a desired husband. 116.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥