Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.103: वे अश्विनीकुमारों के पति, मरुतों के रक्षक, वेदों और यज्ञों के स्वामी तथा वेदांगों के भी स्वामी हैं। उन्हें नमस्कार है ॥103॥ | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे अश्विनीकुमारों के पति, मरुतों के रक्षक, वेदों और यज्ञों के स्वामी तथा वेदांगों के भी स्वामी हैं। उन्हें नमस्कार है ॥103॥
He is the husband of the Ashwini Kumars, the protector of the Maruts, the lord of the Vedas and the sacrifices and also the master of the Vedangas. Salute to him. ॥103॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥