Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.34.25: यदि कोई अपनी या किसी दूसरे की जान बचाने के लिए, गुरु के निमित्त, अकेले में अपनी पत्नी से विनोद करते समय या विवाह के प्रसंग में झूठ बोले, तो उसे कोई पाप नहीं लगता। | mahabharat अध्याय 12.34: जिन कर्मोंके करने और न करनेसे कर्ता प्रायश्चित्तका भागी होता और नहीं होता—उनका विवेचन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई अपनी या किसी दूसरे की जान बचाने के लिए, गुरु के निमित्त, अकेले में अपनी पत्नी से विनोद करते समय या विवाह के प्रसंग में झूठ बोले, तो उसे कोई पाप नहीं लगता।
If one tells a lie to save one's own life or that of someone else, for the sake of one's Guru, while joking with one's wife in private, or in the context of marriage, then one does not incur any sin. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥