Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.34.17: यदि कोई वेद-वेदान्त का विद्वान् ब्राह्मण हाथ में शस्त्र लेकर युद्धभूमि में मारने के लिए आए, तो उसे स्वयं उसे मारने का प्रयत्न करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या का पाप नहीं लगता। 17॥ | mahabharat अध्याय 12.34: जिन कर्मोंके करने और न करनेसे कर्ता प्रायश्चित्तका भागी होता और नहीं होता—उनका विवेचन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई वेद-वेदान्त का विद्वान् ब्राह्मण हाथ में शस्त्र लेकर युद्धभूमि में मारने के लिए आए, तो उसे स्वयं उसे मारने का प्रयत्न करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या का पाप नहीं लगता। 17॥
If a Brahmin, a learned scholar of the Vedas and Vedas, comes to the battlefield with a weapon in his hand to kill, then he himself should try to kill him. This does not constitute the sin of Brahmahatya. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥