Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.d8-82: वे मुझे वह वरदान अवश्य देंगे, क्योंकि वे अपने मंत्रियों के मना करने पर भी मुझ पर प्रसन्न हैं। संकल्प रूपी जल मेरे हाथ में आते ही मैं तीन पग में तीनों लोकों को नापकर उनका सम्पूर्ण राज्य महाप्रतापी इन्द्र को सौंप दूँगा। हे नारद! इस प्रकार मैं समस्त देवताओं को उनके यथास्थान स्थापित करूँगा। | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे मुझे वह वरदान अवश्य देंगे, क्योंकि वे अपने मंत्रियों के मना करने पर भी मुझ पर प्रसन्न हैं। संकल्प रूपी जल मेरे हाथ में आते ही मैं तीन पग में तीनों लोकों को नापकर उनका सम्पूर्ण राज्य महाप्रतापी इन्द्र को सौंप दूँगा। हे नारद! इस प्रकार मैं समस्त देवताओं को उनके यथास्थान स्थापित करूँगा।
He will grant me that boon because he is pleased with me despite the refusal of his ministers. As soon as the water of resolution comes to my hand, I will measure the three worlds in three steps and hand over its entire kingdom to the immensely illustrious Indra. O Narada! In this way, I will establish all the gods in their respective places.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥