Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.d7: जब वह कहेगा, 'ब्रह्मचारी! बोलो, क्या चाहते हो?' तब मैं उससे एक महान वर माँगूँगा। उस महादैत्य से कहूँगा, 'मुझे केवल तीन पग भूमि दे दो।' | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
किमिच्छसि वटो ब्रूहीत्युक्तो याचे महद्वरम्।
दीयतां त्रिपदीमात्रमिति याचे महासुरम्
अनुवाद
जब वह कहेगा, 'ब्रह्मचारी! बोलो, क्या चाहते हो?' तब मैं उससे एक महान वर माँगूँगा। उस महादैत्य से कहूँगा, 'मुझे केवल तीन पग भूमि दे दो।'
When he says, 'Bravachari Brahmin! Tell me, what do you want?' then I will request a great boon from him. I will say to that great demon, 'Give me only three steps of land.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥