Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.d5-78h: जब यह पृथ्वी, जिसके सभी भाग प्राणियों से भरे हुए हैं और जो समुद्र से घिरी हुई है, पृथ्वी के भार से दबकर गहरे समुद्र में डूब जाएगी, तब मैं वराह रूप धारण करके इसे पुनः इसके स्थान पर ले आऊँगा। उस समय मैं अपने बल के अभिमान में चूर हिरण्याक्ष नामक राक्षस का वध करूँगा। | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब यह पृथ्वी, जिसके सभी भाग प्राणियों से भरे हुए हैं और जो समुद्र से घिरी हुई है, पृथ्वी के भार से दबकर गहरे समुद्र में डूब जाएगी, तब मैं वराह रूप धारण करके इसे पुनः इसके स्थान पर ले आऊँगा। उस समय मैं अपने बल के अभिमान में चूर हिरण्याक्ष नामक राक्षस का वध करूँगा।
When this earth, whose all parts are filled with living beings and which is surrounded by the ocean, gets crushed under the weight of the earth and submerges in the deep ocean, then I will take the form of Varaah and bring it back to its place. At that time, I will kill the demon named Hiranyaksh who is full of pride of his power. 77 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥