Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.d3: मैं पहले मत्स्य रूप में प्रकट होकर समस्त प्रजा को अभय प्रदान करूँगा तथा समुद्र में डूबते हुए लोकों और वेदों की रक्षा भी करूँगा। | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं पहले मत्स्य रूप में प्रकट होकर समस्त प्रजा को अभय प्रदान करूँगा तथा समुद्र में डूबते हुए लोकों और वेदों की रक्षा भी करूँगा।
First I will appear in the form of Matsya and establish all the people in a fearless state. I will also protect the worlds and Vedas that are drowning in the ocean.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥