Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.d15-d16h: हे नरेश्वर! जो भक्त इस उत्तम उपाख्यान का सदैव वर्णन करता है, वह शीघ्र ही शुद्ध और एकाग्र होकर भगवान विष्णु के सनातन लोक को प्राप्त होता है। | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे नरेश्वर! जो भक्त इस उत्तम उपाख्यान का सदैव वर्णन करता है, वह शीघ्र ही शुद्ध और एकाग्र होकर भगवान विष्णु के सनातन लोक को प्राप्त होता है।
Nareshwar! The devotee who always narrates this excellent anecdote will soon attain the eternal world of Lord Vishnu by becoming pure and concentrated.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥