Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.339.99: केवल इन्द्रकुमार अर्जुन ही मेरे मित्र और सुन्दर सहायक होंगे। मैं राजा युधिष्ठिर को उनके भाइयों सहित पुनः राजसिंहासन पर बिठाऊँगा। 99।   |   mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  12.339.99 
वासवि: सुसहायो वै मम त्वेको भविष्यति।
युधिष्ठिरं स्थापयिष्ये स्वराज्ये भ्रातृभि: सह॥ ९९॥
 
 
अनुवाद
केवल इन्द्रकुमार अर्जुन ही मेरे मित्र और सुन्दर सहायक होंगे। मैं राजा युधिष्ठिर को उनके भाइयों सहित पुनः राजसिंहासन पर बिठाऊँगा। 99।
 
Only Indrakumar Arjuna will be my friend and beautiful assistant. I will reinstate King Yudhishthira along with his brothers on the throne. 99.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)