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mahabharat 12.339.74: मेरे नाभि से प्रकट हुए अनिरुद्ध रूप से ब्रह्मा उत्पन्न हुए। सभी जीवित और निर्जीव प्राणी ब्रह्मा से उत्पन्न हुए।' 74.   |   mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  12.339.74 
अनिरुद्धात् तथा ब्रह्मा तन्नाभिकमलोद्भव:।
ब्रह्मण: सर्वभूतानि चराणि स्थावराणि च॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
मेरे नाभि से प्रकट हुए अनिरुद्ध रूप से ब्रह्मा उत्पन्न हुए। सभी जीवित और निर्जीव प्राणी ब्रह्मा से उत्पन्न हुए।' 74.
 
‘Brahma was born from my Aniruddha form, who appeared from my navel. All living and non-living beings were born from Brahma. 74.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)