Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.5: कहीं नीलम, कहीं नीलमणि, कहीं मोर की गर्दन के समान रंग और कहीं मोतियों की माला के समान चमक दिखाई दे रही थी ॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कहीं नीलम, कहीं नीलमणि, कहीं मोर की गर्दन के समान रंग और कहीं मोतियों की माला के समान चमक दिखाई दे रही थी ॥5॥
Somewhere blue sapphire, somewhere sapphire, somewhere a colour like the neck of a peacock and somewhere a luster like that of a pearl necklace was visible. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥