Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.4: कहीं वह नए अंकुरित पत्ते जैसा लग रहा था। कहीं वह सफ़ेद था, कहीं उस पर सुनहरी चमक थी और कहीं वह लापीस लाजुली की तरह चमक रहा था। | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कहीं वह नए अंकुरित पत्ते जैसा लग रहा था। कहीं वह सफ़ेद था, कहीं उस पर सुनहरी चमक थी और कहीं वह लापीस लाजुली की तरह चमक रहा था।
Somewhere it looked like a newly sprouted leaf. Somewhere it was white, somewhere it had a golden glow and somewhere it was shining like a lapis lazuli.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥