Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.34: वे सभी महाभूत मिलकर शरीर का नाम धारण करते हैं। हे ब्रह्म! उस समय जो तीव्र चेतन सत्ता अदृश्य रूप में उसमें प्रवेश करती है, वही आत्मा है। | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते समेता महात्मान: शरीरमिति संज्ञितम्।
तदा विशति यो ब्रह्मन्नदृश्यो लघुविक्रम:॥ ३४॥
अनुवाद
वे सभी महाभूत मिलकर शरीर का नाम धारण करते हैं। हे ब्रह्म! उस समय जो तीव्र चेतन सत्ता अदृश्य रूप में उसमें प्रवेश करती है, वही आत्मा है।
‘All those great elements combine together and take the name of body. O Brahman! At that time, the swift conscious being that enters it in an invisible form is the soul.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥