Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.28: विशेषज्ञ स्वयं इन गुणों का भोग करता है, परंतु विशेषज्ञ इन गुणों के द्वारा अनुभव नहीं किया जाता; क्योंकि वह निर्गुण है, गुणों का भोक्ता है, गुणों का कर्ता है और गुणों से श्रेष्ठ है ॥28॥ | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विशेषज्ञ स्वयं इन गुणों का भोग करता है, परंतु विशेषज्ञ इन गुणों के द्वारा अनुभव नहीं किया जाता; क्योंकि वह निर्गुण है, गुणों का भोक्ता है, गुणों का कर्ता है और गुणों से श्रेष्ठ है ॥28॥
‘The expert himself enjoys these qualities, but the expert is not experienced through these qualities; Because He is without qualities, the enjoyer of qualities, the creator of qualities and is superior to the qualities. 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥