Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.20: यहाँ निवास करने वाले ये सभी महात्मा पहले से ही सिद्ध हो चुके हैं। ये पहले से ही मेरे अनन्य भक्त रहे हैं। ये तमोगुण और रजोगुण से मुक्त हैं; अतः ये निःसंदेह मुझमें प्रवेश करेंगे॥ 20॥ | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सिद्धा ह्येते महाभागा: पुरा ह्येकान्तिनोऽभवन्।
तमोरजोभिर्निर्मुक्ता मां प्रवेक्ष्यन्त्यसंशयम्॥ २०॥
अनुवाद
यहाँ निवास करने वाले ये सभी महात्मा पहले से ही सिद्ध हो चुके हैं। ये पहले से ही मेरे अनन्य भक्त रहे हैं। ये तमोगुण और रजोगुण से मुक्त हैं; अतः ये निःसंदेह मुझमें प्रवेश करेंगे॥ 20॥
‘All these great souls residing here have already become siddhas. They have been my exclusive devotees even earlier. They are free from the modes of ignorance and passion; hence they will undoubtedly enter me.॥ 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥