Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.17: हे प्रभु! आप सम्पूर्ण जगत के द्रष्टा, सिंह के समान निर्भय, सर्वव्यापी, महान और सनातन हैं। आपका दर्शन ही मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है॥ 17॥ | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! आप सम्पूर्ण जगत के द्रष्टा, सिंह के समान निर्भय, सर्वव्यापी, महान और सनातन हैं। आपका दर्शन ही मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है॥ 17॥
O Lord! You are the seer of the entire universe, fearless like a lion, omnipresent, great and eternal. The sight of you is the greatest blessing for me.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥