Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.141: तुम सब लोग विधिपूर्वक विधिपूर्वक अनुष्ठान और उत्तम यज्ञों द्वारा सनातन परमेश्वर की पूजा करो। परम्परा से प्राप्त यह उत्तम कथा सबसे पहले मेरे पिता ने मुझे सुनाई थी॥141॥ | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम सब लोग विधिपूर्वक विधिपूर्वक अनुष्ठान और उत्तम यज्ञों द्वारा सनातन परमेश्वर की पूजा करो। परम्परा से प्राप्त यह उत्तम कथा सबसे पहले मेरे पिता ने मुझे सुनाई थी॥141॥
All of you should worship the eternal Supreme Lord by performing the proper rituals and performing excellent sacrifices. This excellent story received through tradition was first told to me by my father.॥ 141॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि नारायणीये एकोनचत्वारिंशदधिकत्रिशततमोऽध्याय:॥ ३३९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें नारायणका माहात्म्यविषयक तीन सौ उनतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३३९॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके १५ १/२ श्लोक मिलाकर कुल १५६ १/२ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥