Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.338.3: वहाँ नारदजी दोनों भुजाएँ उठाकर एकाग्रचित्त हो गए और निर्गुण और सगुण रूप में जगत् आत्मा भगवान नारायण की इस प्रकार (दो सौ नामों से) स्तुति करने लगे॥3॥ | mahabharat अध्याय 12.338: नारदजीका दो सौ नामोंद्वारा भगवान् की स्तुति करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ नारदजी दोनों भुजाएँ उठाकर एकाग्रचित्त हो गए और निर्गुण और सगुण रूप में जगत् आत्मा भगवान नारायण की इस प्रकार (दो सौ नामों से) स्तुति करने लगे॥3॥
There, Naradji raised both his arms and became concentrated and started praising Lord Narayana, the world soul in the form of Nirguna and Saguna, in this way (by two hundred names). 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥