Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.337.34: हे पक्षीराज! वह ब्राह्मणों के क्रोध के कारण पाताल लोक में गया है। फिर भी उसने सदैव श्रेष्ठ ब्राह्मणों का आदर किया है; अतः तुम्हें उसके पास जाना चाहिए। | mahabharat अध्याय 12.337: यज्ञमें आहुतिके लिये अजका अर्थ अन्न है, बकरा नहीं—इस बातको जानते हुए भी पक्षपात करनेके कारण राजा उपरिचरके अध:पतनकी और भगवत्कृपासे उनके पुनरुत्थानकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पक्षीराज! वह ब्राह्मणों के क्रोध के कारण पाताल लोक में गया है। फिर भी उसने सदैव श्रेष्ठ ब्राह्मणों का आदर किया है; अतः तुम्हें उसके पास जाना चाहिए।
'King of birds! He has entered the netherworld due to the anger of the brahmins. Even then he has always respected the best brahmins; therefore you should go to him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥