Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.337.10-11h: हे राजन! यज्ञ किस प्रकार करना चाहिए? बकरे से या अन्न से? कृपया हमारा यह संदेह दूर कीजिए। हमारी दृष्टि में आप ही प्रामाणिक व्यक्ति हैं।॥10 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.337: यज्ञमें आहुतिके लिये अजका अर्थ अन्न है, बकरा नहीं—इस बातको जानते हुए भी पक्षपात करनेके कारण राजा उपरिचरके अध:पतनकी और भगवत्कृपासे उनके पुनरुत्थानकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! यज्ञ किस प्रकार करना चाहिए? बकरे से या अन्न से? कृपया हमारा यह संदेह दूर कीजिए। हमारी दृष्टि में आप ही प्रामाणिक व्यक्ति हैं।॥10 1/2॥
‘O King! By what means should the yajna be performed? By goat or by grain? Please clear this doubt of ours. In our opinion, you are the only authentic person.’॥10 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥