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mahabharat 12.336.63-65: हे श्रेष्ठ! धर्म में सदा अनुराग रखने वाले वे भक्त राजा उपरिचर मन्दिर में प्रवेश करके भी निरन्तर नारायण मन्त्र का जप करते हुए उनकी पूजा में तत्पर रहते थे। अतः उनकी कृपा से वे पुनः ऊपर उठे और पृथ्वी से ब्रह्मलोक में जाकर परम गति को प्राप्त हुए। भक्तों की यह उत्तम गति उन्हें अनायास ही प्राप्त हो गई। 63-65॥   |   mahabharat अध्याय 12.336: राजा उपरिचरके यज्ञमें भगवान्पर बृहस्पतिका क्रोधित होना, एकत आदि मुनियोंका बृहस्पतिसे श्वेतद्वीप एवं भगवान् की महिमाका वर्णन करके उनको शान्त करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 336: राजा उपरिचरके यज्ञमें भगवान्पर बृहस्पतिका क्रोधित होना, एकत आदि मुनियोंका बृहस्पतिसे श्वेतद्वीप एवं भगवान् की महिमाका वर्णन करके उनको शान्त करना  »  श्लोक 63-65
 
 
श्लोक  12.336.63-65 
स राजा राजशार्दूल सत्यधर्मपरायण:।
अन्तर्भूमिगतश्चैव सततं धर्मवत्सल:॥ ६३॥
नारायणपरो भूत्वा नारायणजपं जपन्।
तस्यैव च प्रसादेन पुनरेवोत्थितस्तु स:॥ ६४॥
महीतलाद् गत: स्थानं ब्रह्मण: समनन्तरम्।
परां गतिमनुप्राप्त इति नैष्ठिकमञ्जसा॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ! धर्म में सदा अनुराग रखने वाले वे भक्त राजा उपरिचर मन्दिर में प्रवेश करके भी निरन्तर नारायण मन्त्र का जप करते हुए उनकी पूजा में तत्पर रहते थे। अतः उनकी कृपा से वे पुनः ऊपर उठे और पृथ्वी से ब्रह्मलोक में जाकर परम गति को प्राप्त हुए। भक्तों की यह उत्तम गति उन्हें अनायास ही प्राप्त हो गई। 63-65॥
 
The best! The devout king, who was always fond of religion, always remained ready to worship him by constantly chanting the Narayan mantra even after entering the Uparichar temple. Therefore, by his grace he again rose up and by going from the earth to Brahmaloka, he attained supreme speed. Unexpectedly he attained this excellent pace of the devotees. 63-65॥
 
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि नारायणीये षट्‍‍त्रिंशदधिकत्रिशततमोऽध्याय:॥ ३३६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें नारायणकी महत्ताका वर्णनविषयक तीन सौ छत्तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३३६॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)