Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.336.62: राजा वसु भी यज्ञ पूरा करके अपनी प्रजा का पालन करने लगे। एक बार ब्रह्मा के शाप के कारण उन्हें स्वर्ग से निकाल दिया गया। उस समय वे पृथ्वी के भीतर रसातल में समा गए थे। | mahabharat अध्याय 12.336: राजा उपरिचरके यज्ञमें भगवान्पर बृहस्पतिका क्रोधित होना, एकत आदि मुनियोंका बृहस्पतिसे श्वेतद्वीप एवं भगवान् की महिमाका वर्णन करके उनको शान्त करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा वसु भी यज्ञ पूरा करके अपनी प्रजा का पालन करने लगे। एक बार ब्रह्मा के शाप के कारण उन्हें स्वर्ग से निकाल दिया गया। उस समय वे पृथ्वी के भीतर रसातल में समा गए थे।
King Vasu also started taking care of his subjects after completing the yagya. Once he was expelled from heaven due to Brahma's curse. At that time he had disappeared into the abyss inside the earth. 62.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥