Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.336.59-60h: भगवान नारायण सबसे बड़े देवता हैं। वे जगत के रचयिता और हविभोक्ता हैं। उनका न आदि है, न अंत। देवता और दानव भी उन अव्यक्त परमेश्वर की पूजा करते हैं।॥59 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.336: राजा उपरिचरके यज्ञमें भगवान्पर बृहस्पतिका क्रोधित होना, एकत आदि मुनियोंका बृहस्पतिसे श्वेतद्वीप एवं भगवान् की महिमाका वर्णन करके उनको शान्त करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान नारायण सबसे बड़े देवता हैं। वे जगत के रचयिता और हविभोक्ता हैं। उनका न आदि है, न अंत। देवता और दानव भी उन अव्यक्त परमेश्वर की पूजा करते हैं।॥59 1/2॥
‘Lord Narayana is the greatest deity. He is the creator of the world and the consumer of the offerings. He has no beginning or end. Even gods and demons worship that unmanifested Supreme Lord.'॥ 59 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥