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mahabharat 12.336.27-28h: समाधान सुनो । क्षीरसागर के उत्तर में एक अत्यंत तेजस्वी श्वेतद्वीप है । वहाँ चन्द्रमा के समान तेजस्वी भगवान नारायण की पूजा करने वाले मनुष्य रहते हैं । 27 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 12.336: राजा उपरिचरके यज्ञमें भगवान्पर बृहस्पतिका क्रोधित होना, एकत आदि मुनियोंका बृहस्पतिसे श्वेतद्वीप एवं भगवान् की महिमाका वर्णन करके उनको शान्त करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 336: राजा उपरिचरके यज्ञमें भगवान्पर बृहस्पतिका क्रोधित होना, एकत आदि मुनियोंका बृहस्पतिसे श्वेतद्वीप एवं भगवान् की महिमाका वर्णन करके उनको शान्त करना  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  12.336.27-28h 
क्षीरोदधेरुत्तरत: श्वेतद्वीपो महाप्रभ:॥ २७॥
तत्र नारायणपरा मानवाश्चन्द्रवर्चस:।
 
 
अनुवाद
समाधान सुनो । क्षीरसागर के उत्तर में एक अत्यंत तेजस्वी श्वेतद्वीप है । वहाँ चन्द्रमा के समान तेजस्वी भगवान नारायण की पूजा करने वाले मनुष्य रहते हैं । 27 1/2॥
 
‘Listen to the solution. There is a very bright Shwetdweep in the northern part of Kshirsagar. There live men who worship Lord Narayana, who is as radiant as the moon. 27 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)