Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.336.17: भीष्म ने कहा- युधिष्ठिर, मैं तुमसे इसका कारण कहता हूँ, सुनो। वे श्रेष्ठ राजा वसु तथा अन्य सभी सभासद मिलकर उस समय क्रोध में भरे हुए ऋषि बृहस्पति को शांत करने लगे। | mahabharat अध्याय 12.336: राजा उपरिचरके यज्ञमें भगवान्पर बृहस्पतिका क्रोधित होना, एकत आदि मुनियोंका बृहस्पतिसे श्वेतद्वीप एवं भगवान् की महिमाका वर्णन करके उनको शान्त करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
तत: स तं समुद्धूतं भूमिपालो महान् वसु:।
प्रसादयामास मुनिं सदस्यास्ते च सर्वश:॥ १७॥
अनुवाद
भीष्म ने कहा- युधिष्ठिर, मैं तुमसे इसका कारण कहता हूँ, सुनो। वे श्रेष्ठ राजा वसु तथा अन्य सभी सभासद मिलकर उस समय क्रोध में भरे हुए ऋषि बृहस्पति को शांत करने लगे।
Bhishma said- Yudhishthira, I will tell you the reason for this, listen. That great king Vasu and all the other members together started to pacify sage Brihaspati who was filled with anger at that time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥