Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.336.16: युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! जब सब देवताओं ने दर्शन देकर अपना भाग स्वीकार कर लिया, तब भगवान विष्णु ने उस यज्ञ में आकर भी दर्शन क्यों नहीं दिए?॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.336: राजा उपरिचरके यज्ञमें भगवान्पर बृहस्पतिका क्रोधित होना, एकत आदि मुनियोंका बृहस्पतिसे श्वेतद्वीप एवं भगवान् की महिमाका वर्णन करके उनको शान्त करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर उवाच
उद्यता यज्ञभागा हि साक्षात् प्राप्ता: सुरैरिह।
किमर्थमिह न प्राप्तो दर्शनं स हरिर्विभु:॥ १६॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! जब सब देवताओं ने दर्शन देकर अपना भाग स्वीकार कर लिया, तब भगवान विष्णु ने उस यज्ञ में आकर भी दर्शन क्यों नहीं दिए?॥16॥
Yudhishthira asked - Grandfather! When all the gods gave darshan and accepted their share, then why did Lord Vishnu not give darshan even after coming to that yagya?॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥