Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.336.1: भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! तदनन्तर जब पूर्वकाल के महान कल्प के प्रारम्भ में अंगिरा के पुत्र बृहस्पति उत्पन्न हुए और देवताओं के पुरोहित हुए, तब देवताओं को महान् सन्तोष हुआ॥1॥ | mahabharat अध्याय 12.336: राजा उपरिचरके यज्ञमें भगवान्पर बृहस्पतिका क्रोधित होना, एकत आदि मुनियोंका बृहस्पतिसे श्वेतद्वीप एवं भगवान् की महिमाका वर्णन करके उनको शान्त करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! तदनन्तर जब पूर्वकाल के महान कल्प के प्रारम्भ में अंगिरा के पुत्र बृहस्पति उत्पन्न हुए और देवताओं के पुरोहित हुए, तब देवताओं को महान् सन्तोष हुआ॥1॥
Bhishmaji says – Yudhishthir! Subsequently, at the beginning of the bygone great Kalpa, when Angira's son Brihaspati was born and became the priest of the gods, then the gods got great satisfaction. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥