Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.335.53: तत्पश्चात् सम्पूर्ण जगत् के कल्याण का विचार करने वाले उन जगत्पिता प्रजापतियों ने धर्म के आधाररूप उस सनातन शास्त्र का संसार में प्रचार किया ॥53॥ | mahabharat अध्याय 12.335: नारदजीका श्वेतद्वीपदर्शन, वहाँके निवासियोंके स्वरूपका वर्णन, राजा उपरिचरका चरित्र तथा पाञ्चरात्रकी उत्पत्तिका प्रसङ्ग । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् सम्पूर्ण जगत् के कल्याण का विचार करने वाले उन जगत्पिता प्रजापतियों ने धर्म के आधाररूप उस सनातन शास्त्र का संसार में प्रचार किया ॥53॥
After that, those fathers of the world, Prajapati, who thought about the welfare of the entire world, propagated that Sanatan Shastra, the foundation of religion, in the world. 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥