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श्लोक  12.335.39 
कृतं शतसहस्रं हि श्लोकानामिदमुत्तमम्।
लोकतन्त्रस्य कृत्स्नस्य यस्माद् धर्म: प्रवर्तते॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
मुनिवर! आप लोगों ने एक लाख श्लोकों वाला यह उत्तम शास्त्र रचा है। इससे प्रजातंत्र धर्म प्रचलित होगा।' 39.
 
‘Munivar! You people have created this excellent scripture of one lakh verses. Through this, the religion of democracy will become popular. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)