Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.335.1: भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! जब परम पराक्रमी भगवान नारायण ने परम पराक्रमी नारदजी से यह बात कही, तब वे लोक कल्याण के पालक परम श्रेष्ठ भगवान नारायण से बोले॥1॥ | mahabharat अध्याय 12.335: नारदजीका श्वेतद्वीपदर्शन, वहाँके निवासियोंके स्वरूपका वर्णन, राजा उपरिचरका चरित्र तथा पाञ्चरात्रकी उत्पत्तिका प्रसङ्ग । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! जब परम पराक्रमी भगवान नारायण ने परम पराक्रमी नारदजी से यह बात कही, तब वे लोक कल्याण के पालक परम श्रेष्ठ भगवान नारायण से बोले॥1॥
Bhishmaji says – Yudhishthir! When the most powerful Lord Narayana said this to the most powerful Naradji, then he spoke to the most eminent Lord Narayana who is the patron of public welfare. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥