Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.334.39: स्वर्ग में जो भी प्राणी उस परम पुरुष को नमस्कार करता है, वह उसकी कृपा और आशीर्वाद से उसकी आज्ञा के अनुसार फल देने वाले उत्तम गति को प्राप्त होता है ॥ 39॥ | mahabharat अध्याय 12.334: बदरिकाश्रममें नारदजीके पूछनेपर भगवान् नारायणका परमदेव परमात्माको ही सर्वश्रेष्ठ पूजनीय बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वर्गस्था अपि ये केचित् तान् नमस्यन्ति देहिन:।
ते तत्प्रसादाद् गच्छन्ति तेनादिष्ट फलां गतिम्॥ ३९॥
अनुवाद
स्वर्ग में जो भी प्राणी उस परम पुरुष को नमस्कार करता है, वह उसकी कृपा और आशीर्वाद से उसकी आज्ञा के अनुसार फल देने वाले उत्तम गति को प्राप्त होता है ॥ 39॥
Whoever amongst the living beings in heaven pays obeisance to that Supreme Being, by His grace and blessings, attains the best state that gives results according to His command. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥