Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.334.19-20: ये दोनों परम स्वरूप हैं। इनकी यह दिनचर्या कैसी है? ये दोनों तेजस्वी देवता समस्त प्राणियों के पिता और देवता हैं। ये दोनों अत्यंत बुद्धिमान भाई किस देवता की पूजा करते हैं और किन पितरों की पूजा करते हैं?' 19-20॥ | mahabharat अध्याय 12.334: बदरिकाश्रममें नारदजीके पूछनेपर भगवान् नारायणका परमदेव परमात्माको ही सर्वश्रेष्ठ पूजनीय बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एतौ हि परमं धाम काऽनयोराह्निकक्रिया॥ १९॥
पितरौ सर्वभूतानां दैवतं च यशस्विनौ।
कां देवतां तु यजत: पितॄन् वा कान् महामती॥ २०॥
अनुवाद
ये दोनों परम स्वरूप हैं। इनकी यह दिनचर्या कैसी है? ये दोनों तेजस्वी देवता समस्त प्राणियों के पिता और देवता हैं। ये दोनों अत्यंत बुद्धिमान भाई किस देवता की पूजा करते हैं और किन पितरों की पूजा करते हैं?' 19-20॥
'These two are the supreme form. How is this their daily routine? These two glorious gods are the father and deity of all living beings. Which god do these two extremely intelligent brothers worship and which ancestors do they worship?' 19-20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥